आधुनिक भारत के जनक – राजीव गांधी जी के जन्मदिन पर विषेश

यह कहना गलत नहीं होगा कि आज जिस भारत में हम सांस ले रहे हैं। जिस आधुनिक भारत का लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है। जिस भारत पर आज पूरी दुनिया की नजरें इनायत हैं। जिसे कल का विश्वशक्ति माना जा रहा है और कहा जा रहा है कि एक बार फिर भारत पूरे विश्व को एक नई राह दिखाएगा, यह राजीव गांधी की ही देन है।

राजीव ने ही कभी भारत को मजबूत, महफूज़ और तरक्की की राह पर रफ्तार से दौड़ता मुल्क बनाने का सपना देखा था। तरक्की पसंद राजीव ने ही कभी भारत को वक्त के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाया था।

जिस कंप्यूटर, आईटी और टेलीफोन जैसे कई अन्य क्षेत्रों में आज हम पूरी दुनिया को टक्कर देने का दंभ भर रहे हैं वह राजीव की ही देन है। भारत के जिन नौजवानों पर आज पूरी दुनिया की नजर है उसकी ताकत को राजीव ने बहुत पहले ही भांप लिया था।

यही वजह है कि एक दूरदर्शी नेता की तरह राजीव गांधी ने देश की तरक्‍की के लिए विज्ञान और युवा को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की थी। आज राजीव गांधी के जन्मदिवस पर आईए हम आपको रूबरू करवाते हैं राजीव के जीवन के सफर और उनके सपनों से…….

राजीव का सफर-
राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को बंबई में हुआ था। उन्होंने कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज और लंदन के इम्पीरियल कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की थी। राजनीति राजीव को विरासत में मिली थी,बावजूद इसके वह राजनीति में नहीं आना चाहते थे। दूर-दूर तक राजीव को राजनीति से कोई वास्ता नहीं था,यही वजह है कि अपनी पढ़ाई खत्म होने बाद राजीव गांधी इंडियन एयरलाइंस में पायलट बन गए।

1968 में इटली की नागरिक एन्टोनिया मैनो से उन्होंने विवाह भी कर लिया। बाद में जिन्होंने अपना नाम बदलकर सोनिया गांधी कर लिया। सोनिया भी नहीं चाहतीं थीं कि राजीव राजनीति में आए, इसी शर्त पर सोनिया ने उनसे शादी भी की थी। लेकिन कहते हैं न कि किस्मत कब किसे ज़िंदगी के दोराहे पर खड़ा कर दे, यह कोई नहीं जानता।

राजीव के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। 1980 में अपने छोटे भाई संजय गांधी की एक हवाई जहाज़ दुर्घटना में असामयिक मृत्यु के बाद माता इन्दिरा गांधी को सहयोग देने के लिए 1982 में राजीव गांधी को राजनीति में आना पडा। लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था। 31 अक्टूबर 1984 को सिख अंगरक्षकों द्वारा इंदिरा गांधी की हत्या ने राजीव की जिंदगी और छोटे-छोटे सपनों को बदल दिया।

इम्तिहान की इस घड़ी में राजीव के सामने दो बड़ी जिम्मेदारियां थीं। एक तरफ था मां की राजनीतिक विरासत संभालने का दबाव तो दूसरी तरफ था परिवार को संभालने की जिम्मेदारी। राजीव अब भी राजनीति के दाव पेंच से अंजान थे।

बावजूद इसके 1981 में वे उत्तर प्रदेश के अमेठी से लोकसभा के लिए चुन लिए गए। बाद में 31 अक्टूबर 1984 को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ भी ले ली,तब तक वह भारतीय राजनीति में कोरे कागज की तरह थे,जिस पर सियासी दांवपेंच की आड़ी-तिरछी लकीरें नहीं थीं।

तब उन्होंने भारतीय राजनीति के पन्नों पर अपनी सोच,अपने सपनों को उकेरना शुरू किया, लेकिन उन्होंने जो सोचा वो पुराने ढर्रे की राजनीति से बिल्कुल अलग था।

भारत का दिल कहलाने वाले गांवों की याद आज जब राजनीतिक पार्टियों को आने लगी है, अपने राजनीतिक साख को बचाने के लिए जिस तरह नेता शहर से निकलकर गांवों के चक्कर लगाने लगे हैं, उसकी शुरूआत भी राजीव ने बहुत पहले ही कर दी थी। 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसम्बर 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री की गद्दी संभालने वाले राजीव ने 1989 में अपनी हार के बाद दिल्ली दरबार से बाहर निकलने का फैसला किया।

वह उस हिंदुस्तान को समझने के सफर पर निकल पड़े,जिसे संवारने के लिए उन्होंने तमाम सपने देखे थे। एक बार विदेशी राजनेताओं के साथ बातचीत में राजीव ने कहा था,मेरा सपना है एक मजबूत,आज़ाद,आत्मनिर्भर और दुनिया के अगुवा देशों की कतार में खड़े भारत का।

राजीव का व्यक्तित्व…

राजीव गांधी को एक सरल स्वभाव का व्यक्ति माना जाता है। पार्टी में उनकी छवि एक उदार नेता की थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह कोई भी निर्णय जल्दबाजी में ना लेकर अपने कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श करने के बाद ही लेते थे। वह सहनशील और निर्मल स्वभाव के व्यक्ति थे। आम लोगों के बीच जाकर उनके साथ हाथ मिलाना उन्हें जैसे अपनी मां इंदिरा गांधी से आदतन विरासत के तौर पर मिला था।

प्रेम प्रसंग-

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सोनिया से प्रेम प्रसंग की बात जब उनकी मां इंदिरा गांधी को पता चली तो वह भी कम चकित नहीं थीं। इंदिरा गांधी ने एक बार फोन कर अपनी बुआ विजय लक्ष्मी पंडित से कहा था कि क्या वह हल्का झटका खाने को तैयार हैं।

इस पर पंडित ने कहा कि निश्चित तौर पर अब हम सभी लोग झटके खाने के आदि हो चुके हैं। पंडित ने अपनी आत्मकथा ‘‘द स्कोप आफ हैप्पीनैस’’में लिखा है कि इंदिरा ने उनसे कहा कि राजीव ने लिखा है कि उसे एक इतालवी लड़की (सोनिया) से प्यार हो गया है।

इस पर पंडित ने फौरन कहा कि मैं इसे आश्चर्य नहीं कहूंगी, लेकिन मेरा मानना है कि इस खबर से हमारी कई (भारतीय) सुंदर लड़कियों को झटका लगेगा। राजीव और उनके प्यार को लेकर न केवल उनकी मां इंदिरा गांधी, बल्कि पूरा गांधी-नेहरू परिवार काफी उत्साहित था। इन दोनों की पहली मुलाकात 1965 में इंग्लैंड में हुई थी और 1968 में दोनों विवाह के बंधन बंध गए।

मीठे व्यंजनों के बड़े शौकीन थे राजीव-
बहुत कम लोग यह बात जानते होंगे कि राजीव मीठे व्यंजनों के बड़े शौकीन थे। मिठाइयां विशेषकर रसगुल्ले और मराठी पूरण पोली जैसे व्यंजनों के तो वह दिवाने थे।

राजीव को क्या नहीं था पसंद-

प्रधानमंत्री होते हुए भी राजीव गांधी को यह कतई पसंद नहीं था कि जहां वे जाएं,उनके पीछे-पीछे उनके सुरक्षाकर्मी भी पहुंचे। उनकी मां की हत्या और उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी सुरक्षा पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ा दी गई थी। फिर भी राजीव गांधी की पूरी कोशिश होती थी कि वह अपने सुरक्षाकर्मियों को गच्चा दें और जहां चाहें वहां जा सकें।

राजीव के बारे में कुछ और खास बातें-

– राजीव ने हिन्‍दुस्‍तान के गांवों को विकास में हिस्सेदार बनाने के लिए 73वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायती राज व्यवस्था लागू की। यह राजीव के सपनों के भारत की बुनियाद थी।

– राजीव ने पंचायती राज के जरिए एक साथ दो काम कर दिया। गांवों को अपने विकास का अधिकार और महिलाओं को एक तिहाई हिस्सेदारी।

– राजीव ने गांव-गांव को टेलीफोन से जोड़ने और कंप्यूटर के जरिए महीनों का काम मिनटों में करने की बात की। राजीव गांधी का सपना था कि गांव-गांव में टेलीफोन पहुंचे और कंप्‍यूटर शिक्षा का प्रचार हो।

– राजीव गांधी के सपनों का भारत सैन्य शक्ति भी था। वह अमन के पैरोकार थे,लेकिन जानते थे कि शांति और अहिंसा की बातें मजबूत मुल्क को ही शोभा देती हैं। यही वजह है कि उन्होंने मजबूत भारत के अपने सपने को पूरा करने के लिए मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों की रफ्तार बढ़ाने का फैसला किया था।

– इसे संयोग कहें या कुछ और कि मई के महीने में ही राजीव गांधी की हत्या हुई और मई के महीने में ही उनकी हत्या कराने वाला लिट्टे प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन मारा गया।

21 मई 1991 को भारत की नई सदी की सोच का सपना लिए कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हमेशा-हमेशा के लिए खामोश हो गए। लेकिन तब तक नई सोच के इस नौजवान नेता ने भारत को प्रगति का राह दिखा दिया था। जिसे आज के भारत में हम बखूबी महसूस कर सकते हैं।

सोर्स : फेसबुक ।

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सामाजिक न्याय दिवस 19 अगस्त 2018

आज कांस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता श्री संतोष कुमार यादव और श्री गौरव यादव श्री रवि यादव ने सामाजिक न्याय दिवस पर अपने पीआईएल फाउंडेशन की तरफ से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, मण्डल मसीह, श्री बीपी मंडल साहब के 100वी जन्म शताब्दी पर संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें पूर्व न्यायमूर्ति श्री सखाराम यादव और श्री बलिहारी बाबू पूर्व सांसद बसपा और सांसद श्री डॉ उदित राज बीजेपी ने अपने भाषणों से समाजिक न्याय के लिए सब को प्रेरित किया अन्य वक्ताओं ने भी अच्छा संभाषण किया तथा पीआईएल फाउंडेशन के चेयरमैन संतोष यादव जी का बहुत ही सरल भाषी स्वभाव ने कार्यक्रम को अभूतपूर्व सफल बनाने में अपना योगदान दिया ।
मैं समापन के पूर्व ही चला आया चलते समय संतोष यादव जी ने अपने पीआईएल फाउंडेशन की तरफ से एक मेमेंटो भेंट कर सम्मानित किया, उनको धन्यवाद और पीआईएल टीम ऐसे ही काम करती रहे इसके लिए शुभकामनाएं।

राजीव कुमार यादव

अधिवक्ता

दिल्ली हाईकोर्ट नई दिल्ली

स्वच्छ भारत अभियान हेतु एक पहल

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यह सच है की भारत एक अव्यस्थित देश रहा हैं परन्तु यह भी यह सत्य है की इसी प्रयोगशाला से सीख कर यूरोप और एशिया के तमाम बड़े शहर अपने बड़े बड़े शहरों को आधुनिकता से लैस कर पाए और दुनिया में अपने उन्नति का लोहा मनवा रहे है, फिर भारत विशाल हृदय लिए चटान की तरह निर्मल और स्वच्छ हैं |

देश ने यह स्वयं साक्षात्कार किया है की महात्मा गाँधी से लेकर नेहरू, इंदिरा और वर्तमान में नरेंद्र मोदी तक हम सबने पर्यावरण हेतु कभी ग्रीन इण्डिया, क्लीन इंडिया, शाइन इंडिया तो अब स्वच्छ भारत तक एक लम्बी कड़ी स्वच्छता के लिए किया है, भारत के उन तमाम बड़े शहरों, महानगरों से लेकर छोटे गांव कस्बों तक के नालों- नालियों व् परनालों और नदियों – नहरों में गिरने वाली गंदगी के ढ़ेर को सरकार ने बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का भरषक प्रयास किये हैं और यह  निरतर जारी भी हैं |

आज सोशयल मिडिया पर मैंने एक तस्वीर देखी जो इस लेख के साथ संलग्न है, में शहर का एक नाला किसी पानी के बड़े नाले से मिल रहा है जहां शहर से आने वाले नाले को उसके गिरने के स्थान पर पाइप चौड़े मुहं में जाली की बोरी बांध रखी है जिससे की शहर से आने वाले कचरे जिसमे प्लाटिक की खाली बोलते, स्नेटरी पैड, डायपर, दवाओं के रैपर, प्लास्टिक की थैलियां, इत्यादि इत्यादि जो सड़ गल नहीं सकती और जो पर्यावरण के लिए नुकसान दायक होंगीं, को एक जाल वाले बोरे में छान लिया है जिसे पुनः रीसायकल भी किया जा सकता है और साथ ही पर्यावरण को एक बड़े नुकसान से बचाया भी जा सकता हैं |

उपरोक्त चित्र अपने आप में पर्यावरण के लिए एक बड़ी सोच और शहरी व्यवस्था हेतु सरकार की तरफ से पर्यावरण इंतज़ाम की त्तपरता का एक बेहतर उदाहरण हैं | ऐसी सरकारें और ऐसे शहरी वाकई बधाई और धन्यवाद के पात्र हैं |

हमारी भारत सरकार अपने अथक प्रयासों से सराहनिय कार्य कर रही है, परन्तु यदि  इस तरह के इंतज़ाम भी किये जाये तो शायद हमे पर्यावरण को सुरक्षित रखने में और बड़ी जीत हाशिल हो सकती हैं |

निवेदक
अधिवक्ता राजीव यादव
नई दिल्ली , भारत

केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद का आह्वान

यदि आप केरल की खबर टीवी पर देख सुन रहे है और केरल में रह रहे बाढ़ पीड़ितों की मदद करना चाहते है तो #पेटीएम के जरिये केरल के लोगों को आर्थिक मदद दे सकते हैं।

or Follow this Link https://donation.cmdrf.kerala.gov.in/index.php/Settings/index

बाढ़ के कारण केरल के कई घर बर्बाद हो चुके हैं और यह सिलसिला बदस्तूर जारी हैं। दुख की इस घड़ी में हम सभी अपने केरल के भाई बहनों के साथ हैं।

आपमे से जो भी मदद कर सकने में समर्थ है, वह जरूर मदद को आगे आएं, आपका थोड़ा थोड़ा सहयोग भी केरल के भाई बहनों को भारतीय होने का संबल और गौरव देगा और आपका यह सहयोग अतुलनीय रहेगा ।

आप इस लिंक पर जाकर मदद कर सकते है ।

https://paytm.com/helpinghand/kerala-cm-s-distress-relief-fund

जितना भी आपसे बन सके भेज सकते है आप चाहे तो paytm से नहीं तो सीधा बैंक खाते में भी भेजिए पर जरूर भेजिए ।

अधिक से अधिक शेयर करें और जन सेवक और अच्छे भारतीय बने ।

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RIP का सही शाब्दिक अर्थ क्या है?

भारत मे आजकल अक्सर देखने में आया है कि किसी मृतात्मा के प्रति आदर में RIP लिखने का फैशन सा चल पड़ा है। ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि कान्वेंटी दुष्प्रचार तथा विदेशियों की नकल के कारण हमारे युवाओं को धर्म की मूल अवधारणाएँ या तो पता ही नहीं हैं, अथवा विकृत हो चुकी हैं।

RIP शब्द का अर्थ होता है Rest in Peace (शान्ति से आराम करो ) यह शब्द उनके लिए उपयोग किया जाता है जिन्हें कब्र में दफनाया गया हो। क्योंकि ईसाई अथवा मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार जब कभी जजमेंट डे अथवा क़यामत का दिन आएगा उस दिन कब्र में पड़े ये सभी मुर्दे पुनर्जीवित हो जाएँगे। अतः उनके लिए कहा गया है, कि उस क़यामत के दिन के इंतज़ार में शान्ति से आराम करो ।

लेकिन हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है इसलिये हिन्दू शरीर को जला दिया जाता है, अतः उसके Rest in Peace का सवाल ही नहीं उठता। हिन्दू धर्म के अनुसार मनुष्य की मृत्यु होते ही आत्मा निकलकर किसी दूसरे नए जीव/ काया/ शरीर/ नवजात में प्रवेश कर जाती है। उस आत्मा को अगली यात्रा हेतु गति प्रदान करने के लिए ही श्राद्धकर्म की परंपरा निर्वहन एवं शान्तिपाठ आयोजित किए जाते हैं।

अतः किसी हिन्दू मृतात्मा हेतु विनम्र श्रद्धांजलि, श्रद्धांजलि, आत्मा को सदगति प्रदान करें, जैसे वाक्य विन्यास लिखे जाने चाहिए। जबकि किसी मुस्लिम अथवा ईसाई मित्र के परिजनों की मृत्यु उपरांत उनके लिए RIP लिखा जा सकता है।

आगे से इस बात का ध्यान रखते आप कोशिश करें कि भविष्य में यह गलती ना हो एवं हम लोग दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि प्रदान करें ।

अच्छा लगा तो शेयर करके जनजागरण जरूर करें ।

सोर्स : सोशल मीडिया

भारत राष्ट्र को एक बड़ी क्षति श्री अटल बिहारी वाजपेयी और मेरे पसंदीदा नेता आज दिवंगत हो गए ।

ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी पहले जनसंघ फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संस्थापक अध्यक्ष रहे। तीन बार प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी जी के समय देश की आर्थिक विकास दर तेज रही।

वह देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने, जिनका कांग्रेस से कभी नाता नहीं रहा। साथ ही वह कांग्रेस के अलावा के किसी अन्य दल के ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिन्होंने पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े होने के बावजूद वाजपेयी जी की एक धर्मनिरपेक्ष और उदारवादी छवि रही है। उनकी लोकप्रियता भी दलगत सीमाओं से परे रही है।

एक करिश्माई नेता, ओजस्वी वक्ता और प्रखर कवि के रूप में प्रख्यात राजनेता वाजपेयी जी को साहसिक पहल के लिए भी जाना जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री के रूप में उनकी 1999 की ऐतिहासिक लाहौर बस यात्रा शामिल है, जब पाकिस्तान जाकर उन्होंने वहां के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किए।

भारत सरकार द्वारा, वाजपेयी जी को भारत रत्न पुरस्कार से नवाजे जाने वाले 44वीं हस्ती हैं। 1998 से 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी जी उम्र से जुड़ी बीमारियों के चलते इन दिनों सार्वजनिक जीवन से लम्बे समय से दूर रहे हैं।

आज एम्स दिल्ली में अपनी लम्बी बीमारी के चलते उनका दिनांक 16 अगस्त 2018 को शाम 17:05 पर अपनी अंतिम सांस लेकर, दिवंगत हो गए ।

देश मे उनके निधन पर राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है और सभी उनके निधन पर शोकाकुल है ।

आधिकारिक धोषणा की एम्स द्वारा जारी प्रेस नोट।

Dairy Cattle Insurance Companies in India.

  • General Insurance Corporation of India
  • Cholamandalam General Insurance Co. Ltd.
  • National Insurance Company
  • The New India Assurance Co. Ltd.
  • The Oriental Insurance Company Ltd.
  • United India Insurance Co Ltd
  • Life Insurance Corporation of India Ltd

Indian Major Financial Institutions for projects.

  • Delhi Financial Corporation
  • Export Credit Guarantee Corporation of India Ltd.
  • Export Import Bank of India (EXIM)
  • Export-Import Bank of India
  • General Insurance Corporation of India Ltd.
  • Haryana Financial Corporation
  • Himachal Pradesh Financial Corporation
  • Industrial Credit & Investment Corporation of India Ltd.
  • Industrial Development Bank of India (IDBI)
  • Industrial Investment Bank of India Ltd.
  • Jammu & Kashmir State Financial Corporation
  • Karnataka State Industrial Investment And Development Corporation Ltd.
  • Kotak Mahindra Mutual Fund
  • Life Insurance Corporation of India
  • Madhya Pradesh Financial Corporation
  • Central Statistical Information Department
  • Central Vigilance Cell
  • Corporate Planning Department
  • Department of Economic Analysis & Research
  • Department for Cooperative Revival and Reforms
  • Department of Information Technology
  • Department of Supervision
  • Development Policy Department (Farm Sector)
  • Development Policy Department (Non-Farm Sector)
  • Finance and Accounts Department
  • General Administration Department
  • Rajbhasha Prabhag
  • Protocol & Security Section
  • Fire Officer
  • Human Resources Development Department
  • Human Resources Management Department
  • Inspection Department
  • Institutional Development Department
  • Investment Credit Department
  • Law Department
  • Micro Credit Innovations Department
  • Premises Department
  • Production Credit Department
  • Projects Monitoring Department
  • Resource Mobilisation Department
  • Secretary’s Department
  • Public Relations Division
  • State Projects Department
  • Technical Services Department
  • Andhra Pradesh Regional Office
  • Arunachal Pradesh Regional Office
  • Assam Regional Office
  • Bihar Regional Office
  • Chattisgarh Regional Office
  • Goa Regional Office
  • Gujarat Regional Office
  • Himachal Pradesh Regional Office
  • Jammu & Kashmir Regional Office
  • Jharkhand Regional Office
  • Karnataka Regional Office
  • Kerala Regional Office
  • Madhya Pradesh Regional Office
  • Maharashtra Regional Office
  • Manipur Regional Office
  • Meghalaya Regional Office
  • Mizoram Regional Office
  • Nagaland Regional Office
  • New Delhi Regional Office
  • Orissa Regional Office
  • Punjab and Haryana Regional Office
  • Rajasthan Regional Office
  • Sikkim Regional Office
  • Tamil Nadu Regional Office
  • Tripura Regional Office
  • Uttar Pradesh Regional Office
  • Uttaranchal Regional Office
  • West Bengal Regional Office
  • National Bank Staff College Lucknow
  • National Bank Training Centre
  • Zonal Training Centre
  • Regional Training College Mangalore
  • Regional Training College
  • Bankers Institute of Rural Development (BIRD)
  • National Bank for Agriculture and Rural Development
  • National Housing Bank
  • Punjab Financial Corporation
  • Rajasthan Financial Corporation
  • Reserve Bank of India
  • Securities and Exchanges Board of India (SEBI)
  • Shipping Credit Investment Corporation Of India
  • Small Industries Development Bank of India

Above list of institution are for project financing bodies in India.

Census of India 1931

You can read book online Just click on link census of India 1931. Offer to read others also.

Now Internet domain names in Indian Regional languages soon !

Registration of an Internet domain name in English time is pass, now get ready to have it in your own regional language.

The Internet Corporation for Assigned Names and Numbers (ICANN), the non-profit corporation with the responsibility for Internet’s Domain Name System (DNS) management worldwide, has been on the development to support TLD in numerous languages in India, including the 22 scheduled languages of the country.

These scripts Work in for nine Indian languages i.e. Bengali, Devanagari, Gujarati, Gurmukhi, Kannada, Malayalam, Oriya, Tamil and Telugu.